नई दिल्ली। नार्वे के नियम कानून के उलट अपने बच्चों को हाथ से खाना खिलाने और साथ में सुलाने के आरोप में भारतीय दंपति से छीन लिए गए बच्चे अब अपने माता-पिता से मिल सकेंगेसरकार की कोशिश के बाद उम्मीद है कि अब ऐश्वर्या और अभिज्ञान अपने माता-पिता को जल्द मिल जाएंगे.स्टार न्यूज़ की पहल के बाद भारत सरकार ने इस बारे में नॉर्वे से बातचीत शुरू कर दी है. नार्वे में भारत के राजदूत भी सोमवार को इस मुद्दे पर वहां के विदेश मंत्री से मिल सकते हैं.विदेश मंत्री एसएम कृष्णा का कहना है कि भारत की ओर से कोशिश की जा रही है.ग़ौरतलब है कि यूरोपीय देश नार्वे में एक भारतीय दंपति के तीन साल के बेटे और एक साल की मासूम बच्ची को इसलिए छीन लिया गया क्योंकि वो नार्वे के नियम कानून के मुताबिक बच्चों का पालन पोषण नहीं कर रहे थे.माता-पिता पर आरोप हैं कि वे अपनी बेटी ऐश्वर्या और बेटे अभिज्ञान को हाथ से खाना खिलाते थे और साथ में सुलाते थे.नॉर्वे की सरकार के नियमों के मुताबिक ऐसा करना बच्चों के स्वास्थ्य और उनके स्वावलंबी बनने की राह में रोड़ा है.बच्चों के माता-पिता अनुरूप और सागरिका भट्टाचार्य कोलकाता के रहने वाले हैं.बच्चों के नाना-नानी ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात कर सरकार से मदद की अपील की है

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